करौंदी में बुधवार की रात ट्र्रांसपोर्टर और मवेशी कारोबारी लाल बहादुर यादव उर्फ लल्लू (42) और उसके भांजे भीम को व्यवसाय से जुड़ी पुरानी रंजिश और लेनदेन के विवाद में गोली मारी गई थी। गोली मारने वाले लल्लू के ही दो पुराने दोस्त हैं जो कुछ दिन पहले तक उसके साथ पशुओं को खरीदने और बेंचने का काम करते थे। गुरुवार को लल्लू के छोटे भाई धर्मेंद्र की तहरीर पर लंका थाना में चौबेपुर के उंचवा नरायनपुर निवासी रामभुवन यादव, लटौनी के पंकज यादव और एक अज्ञात पर हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।
चौबेपुर के परनापुर के मूल निवासी लल्लू बीते एक साल से लंका थाना के करौंदी स्थित बीएसएनएल ऑफिस के समीप किराए के फ्लैट में पत्नी शीला और बड़ागांव निवासी भांजे भीम के साथ रहते थे। लल्लू की स्कॉर्पियो के चालक मोहनिया निवासी बाबूलाल बिंद ने बताया कि बुधवार सुबह भीम के साथ तीनों बक्सर गए थे।
वहां लल्लू ने मवेशी देखे लेकिन खरीदे नहीं। रात 11 बजे के लगभग लौटकर करौंदी आए और फ्लैट के सामने स्कॉर्पियो खड़ी की। स्कॉर्पियो का गेट खुलते ही घात लगाकर बैठे बदमाशों ने गोली चलानी शुरू कर दी। तब तक भीम ने शोर मचाया तो उसे भी निशाना बनाकर बदमाशों ने गोली मार दी थी। धर्मेंद्र ने बताया कि रामभुवन यादव और पंकज यादव व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और लेनदेन के विवाद को लेकर लल्लू से बैर रखते थे। दोनों ने धमकी भी दी थी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद लल्लू का शव घर वालों को सौंप दिया गया। लल्लू चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। वहीं, लल्लू के घरवालों के दबाव पर लंका पुलिस रवींद्रपुरी स्थित आरोपियों के फ्लैट से स्कॉर्पियो बाइक उठवा लाई। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।