कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के रोड शो के दौरान मंगलवार को शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। ट्रैफिक पुलिस का रूट डायवर्जन प्लान और यातायात प्रबंधन फेल हो गया। इसके चलते एंबुलेंस, स्कूल-कॉलेज के वाहन समेत आम राहगीर घंटों जाम से जूझते रहे। कुछेक स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने शव वाहनों को रोक दिया, जिसके चलते किचकिच भी हुई। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष के वाहन के करीब आने के लिए आतुर भीड़ को रोकने में एसपीजी के जवानों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर सोनिया गांधी का सुरक्षा घेरा टूटता नजर आया।
सोनिया गांधी के रोड शो के दौरान पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिखे। वरुणा पार जेपी मेहता कॉलेज रोड, सर्किट हाउस के सामने, कचहरी के सामने, वरुणा के दोनों पुलों पर, नदेसर-अंधरापुल मार्ग, घौसाबाद, चौकाघाट, गोलगड्डा, आदमपुर, विशेश्वरगंज सहित रोड शो के सभी रूट घंटों जाम की जद में रहे। इस दौरान यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने की बजाय पुलिसकर्मी या तो मूकदर्शक बनकर खड़े रहे या आमजन से नोकझोंक करते नजर आए। इस व्यवस्था के कारण लोगों को घंटों जाम में जूझना पड़ा। कुल मिलाकर सोनिया के काशी प्रवास के दौरान एसपीजी और पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह हावी दिखा।