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भक्तों की कतार, बाबा की जय-जयकार

Tue, 02 Aug 2016 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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 सावन के दूसरे सोमवार को जोरदार बारिश के बावजूद भोले के भक्तों की आस्था नहीं डिगी। झमाझम बारिश होती रही और भक्त लंबी कतार में बाबा के गगनभेदी जयकारे लगाते रहे। देर रात तक 1.70 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। तीर्थराज प्रयाग से कांवर में गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए हजारों कांवरिये काशी पहुंचे। कोई बाजे-गाजे के साथ बाबा की झांकी सजाकर तो र्कोई नंगे पांव दौड़ते हुए बाबा के दरबार पहुंचा। गोदौलिया, दशाश्वमेध समेत कई इलाकों की सड़कों के जलमग्न होने के बावजूद भक्त कतार में लगे रहे।
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बाबा की झलक पाने के लिए पूरा शहर सोमवार को केसरिया रंग में रंगा नजर आने लगा। हर सड़क पर कांवरियों का झुंड दिखा। झालरों, ध्वजा, पताकाओं से सजी झांकियां लेकर भक्त बाबा के जलाभषेक के लिए पहुंचे। भगवान इंद्र भी शिवभक्तों पर प्रसन्न थे। मैदागिन से ज्ञानवापी, लक्सा से गोदौलिया और सोनारपुरा से गोदौलिया तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। उधर, कैथी स्थित मारकंडेय महादेव में भी रविवार रात से ही शिवभक्तों का रेला उमड़ा रहा। सारनाथ का सारंगनाथ मंदिर परिसर भी भोले के भक्तों के जयकारे से गूंजता रहा। शहर में महामृत्युंजय महादेव, गौरी केदारेश्वर, रामेश्वर, बैजनत्था धाम, जागेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव सहित सभी शिवालयों में जलाभिषेक के लिए कतारें लगी रहीं। काशी विश्वनाथ मंदिर में दोपहर 12 बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे भी कांवरियों से पटे थे। हर-हर महादेव और बोल बम का उद्घोष करते हुए कांवरियों ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद शिवालयों में जलाभिषेक किया।


बाबा विश्वनाथ का दरबार सोमवार को 3:50 बजे मंगला आरती के बाद खोला गया। इससे पहले लक्सा से दशाश्वमेध होते हुए गोदौलिया-बांसफाटक से ज्ञानवापी तक बैरीकेडिंग में ठसाठस भक्तों की कतार लगी थी। इस दौरान हजारों की तादाद में कांवरिये गोदौलिया से लेकर बांसफाटक-ज्ञानवापी तक सड़कों पर हंगामा मचाने लगे। पुलिस ने कई बार कांवरियों को खदेड़ा। इसके धमाचौकड़ी का माहौल बना रहा।
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 विंध्यधाम से गंगा जल लेकर अपने साथियों के साथ बिहार के मधुबनी से आया ब्रह्मदेव चौरसिया (30) सुबह विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में अचेत होकर गिर पड़ा। इससे मंदिर में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। पुलिस कर्मी अचेत युवक को उठाकर बाहर ले आए। वहीं, उसके साथी मदद की गुहार लगाते रहे। विश्वनाथ मंदिर के पाली प्रभारी आरके द्विवेदी ने वायरलेस से इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी। कुछ दूरी पर एंबुलेंस खड़ी होने के बाद भी उसे अस्पताल पहुंचाने की अनुमति नहीं दी गई। अंतत: चौक पुलिस के हस्तक्षेप के बाद एंबुलेंस से उसे शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल भेजा गया।
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