भ्रष्टाचार के आरोप में चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद परिवहन विभाग के अफसरों की कार्यशैली बदल गई है। दफ्तर का माहौल भी बदला-बदला सा है। अब खुलकर रिश्वत का लेन-देन न करने की बात कही जा रही है।
अफसरों ने कर्मचारियों के बाद अब डीलरों के साथ बैठक कर सख्त हिदायत दी है कि वे ग्राहकों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क न लें। जितना टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित है, उतना ही लिया जाए।
कर्मचारियों को भी चेताया गया है कि किसी भी पटल पर अतिरिक्त पैसा लेने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। एआरटीओ प्रशासन अमित राजन राय ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में जिले में वाहन बेचने वाले सभी डीलरों के साथ बैठक की।
उन्होंने डीलरों से कहा कि परिवहन कार्यालय द्वारा शासन के नियमों के तहत जितनी फीस और टैक्स तय किया गया है, उससे ज्यादा पैसा न लिया जाए। सभी डीलर अपने शोरूम में टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस संबंधी ब्योरा चस्पा कराएं।
वहीं ग्राहकों से अपील की गई है कि अगर उनसे ज्यादा पैसा लिया जाता है कि तो वे बेहिचक शिकयत करें। जानकारी के मुताबिक आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद से दफ्तर में फिलहाल सुविधा शुल्क लेना बंद कर दिया गया है। आरटीओ में काम से जाने वाले लोगों को फिलहाल राहत है।