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BHU की छात्राओं ने लिखा पत्र, ‘सर’ को हटा दीजिए, वर्ना जाने कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी

Fri, 16 Jun 2017 06:21 PM IST
amarujala.com- Written by: अनूप ओझा
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बीएचयू - फोटो : file
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बीएचयू की महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने एनएसएस के प्रोग्राम अफसर रहे एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
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एनएसएस की ओर से अवार्ड दिलाने, विदेश भेजने जैसे प्रलोभन देकर लड़कियों को अपनी शरण में आने के लिए विवश करने के अलावा कई काली करतूतों का भंडाफोड़ वहां की छात्राओं ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेलकूद मंत्रालय के संयुक्त सचिव को भेजे पत्र में किया है।

संयुक्त सचिव के निर्देश पर असिस्टेंट प्रोफेसर के एक वर्ष के सेवा विस्तार पर रोक लगाते हुए इस मामले की जांच शुरू हो गई है।  राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती ने बीएचयू के एनएसएस कोआर्डिनेटर डॉ. पीके शर्मा को जांच अधिकारी नामित कर रिपोर्ट तलब की है।
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जांच अधिकारी शर्मा का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे आरोपों को लेकर पूछताछ की जा रही है। महिला महाविद्यालय की प्राचार्य को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि शिकायत करने वाली उन लड़कियों के बयान दर्ज किए जा सकें। 

युवा कार्यक्रम और खेलकूद मंत्रालय के संयुक्त सचिव को भेजे शिकायती पत्र में बीएचयू महिला महाविद्यालय की 11 छात्राओं ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका पर उंगली उठाई है।

छात्राओं ने संयुक्त सचिव के अलावा कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी और कुल सचिव को भी पत्र भेजकर कहा है कि वह एनएसएस के प्रोग्राम अफसर के तौर पर उनके बर्ताव को लेकर असहज महसूस करती हैं। उन्होंने कुछ छात्राओं को मिलाकर अपना नेटवर्क बना रखा है।

एनएसएस से जुड़ी किस-किस छात्रा को विदेश जाना है और किसे पुरस्कार दिया जाए, यह सब तय कराने के लिए लड़कियों को वह अपनी शरण में आने के लिए प्रलोभन दिया करते हैं।

परेशान छात्राओं ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर की कई करतूतों का जिक्र करते हुए लिखा है कि वह एक छात्रा की जिंदगी से पहले भी खिलवाड़ कर चुके हैं। उन पर अंकुश नहीं लगा तो न जाने कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। 
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मामले को दबाया नहीं, महाविद्यालय खुलने का है इंतजार

एनएसएस के कोआर्डिनेटर डॉ. पीके शर्मा - फोटो : अमर उजाला
असिस्टेंट प्रोफेसर को लेकर असहज बीएचयू महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने जांच अधिकारी पर भी उंगली उठाई है। उनका कहना है कि एनएसएस के कोआर्डिनेटर डॉ. पीके शर्मा इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसकी वजह यह है कि पखवारे भर पहले जांच मिलने के बाद भी डॉ. शर्मा ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। उधर, जांच अधिकारी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि गर्मी की छुट्टी चल रही है। महाविद्यालय की लड़कियां घर चली गई हैं।

परिसर खुलने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि उन छात्राओं का बयान रिकार्ड कराया जा सके। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर से इस मामले में पूछताछ वह नहीं कर सके हैं, लेकिन उनके विरुद्ध पहले से भी शिकायतें रही हैं और इसे लेकर वह गंभीर हैं।

इस प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी, ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके। 
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