ठगी की रकम से 25 लाख में खरीदा मकान
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले झारखंड के जामताड़ा में साइबर ठगी की ट्रेनिंग ले चुके थे। वहां उनके खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज होने के कारण उन्होंने जामताड़ा, झारखंड छोड़ दिया और जामताड़ा से करीब 64 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के अंडाल को ठिकाना बना लिया।
ठगी से अर्जित 50 लाख रुपये की रकम से आरोपियों ने करीब 25 लाख रुपये का मकान खरीदा और नेटवर्क चलाने के लिए 10 मोबाइल फोन भी खरीदे थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और म्यूल खातों की जांच कर रही है। आगे संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों जिसे निशाना बनाना होता, उसे ट्रोजन और एसएमएस फॉरवर्डर आधारित एपीके फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई उस फाइल को डाउनलोड करता, मोबाइल हैक हो जाता और उसके बैंक से जुड़े ओटीपी व अन्य जानकारी गिरोह तक पहुंच जाती थी। इसके बाद ठग म्यूल खातों के जरिये रकम निकाल लेते थे। - विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर अपराध