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बनारसः लगातार दूसरे दिन बड़ी लापरवाही, मालगाड़ी के ट्रैक पर चला दी सद्भावना एक्सप्रेस, अफरा-तफरी

Sun, 12 Aug 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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रक्सौल से आनंदविहार जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस को बनारस के कैंट स्टेशन पर शनिवार को गलत प्लेटफार्म पर ले लिया गया। ट्रेन के गलत ट्रैक पर आने के बाद स्टेशन प्रशासन के साथ-साथ यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
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आनन-फानन में ट्रेन को पहले पीछे लिया गया और फिर उसे सही प्लेटफार्म पर लाया गया। जब जिम्मेदारी का मामला आया तो दो रेल जोन एक दूसरे के सिर गलती का ठीकरा फोड़ने लगे। अंत में एडीआरएम वाराणसी रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे की संयुक्त जांच टीम गठित की तथा दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिया।

पूर्वोत्तर रेलवे के सिटी रेलवे स्टेशन पर सद्भावना एक्सप्रेस और मालगाड़ी पहुंची। उत्तर रेलवे के कैंट रेलवे स्टेशन से प्लेटफार्म के लिए लाइन मांगी गई। अनुमति मिलने के बाद सद्भावना एक्सप्रेस कैंट के प्लेटफार्म नंबर दो पर ले ली गई।
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उधर, प्लेटफार्म नंबर चार पर सद्भावना एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे यात्रियों को जैसे ही जानकारी हुई कि ट्रेन दूसरे प्लेटफार्म आ गई है, अफरा-तफरी मच गई है। वहीं रेलवे प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।

दोपहर बाद लगभग 1:40 बजे पहुंची ट्रेन को फिर से पीछे लेकर प्लेटफार्म नंबर चार पर 2:20 मिनट पर लिया गया। इस गलती के लिए जिम्मेदार पर एनईआर, एनआर आमने-सामने आ गए। पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि मालगाड़ी और एक्सप्रेस दोनों के लिए लाइन मांगी गई थी, उत्तर रेलवे ने गलत लाइन दी।

वहीं, उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन की सही स्थिति नही बताने का आरोप लगाया। अंत में दोनों जोन के एक-एक स्टेशन उपाधीक्षक व सुपरवाइजरों की टीम बनाई गई है जो घटना की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं प्लेटफार्म नंबर दो पर सद्भावना को लिये जाने पर पायलट की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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हो सकती है बड़ी दुर्घटना

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रेल प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही चूक और फिर सीमा का विवाद किसी दिन भारी पड़ सकता है। शुक्रवार को अहरक में खुली रह गई क्रासिंग पर ट्रेन से टकराई बोलेरो मामले की चर्चाएं थमी भी नहीं थी कि दूसरे दिन शनिवार को एक बार फिर संरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया।

सद्भावना एक्सप्रेस को गलत ट्रैक पर ले लिया गया और बाद में पीछे कर उसे सही प्लेटफार्म पर ले आया गया। बड़ी घटना होने से रह गई। कैंट रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे की सीमा में आता है। तो वहीं दोनों सेटेलाइट स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे के हैं।

ऐसे में सीमा विवाद के चक्कर में यात्रियों को अक्सर समस्या झेलनी पड़ती है। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ओन वाली ट्रेनें घंटों कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी रहती हैं। इसके कारण कई बार लंबा विवाद खड़ा हो जाता है, जो यात्रियों पर भारी पड़ता है।

स्टेशन अधीक्षक (एनईआर) पीएच हाशमी ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे की है। इससे पूर्वोत्तर रेलवे का कोई लेना देना नही है।
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