रक्सौल से आनंदविहार जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस को बनारस के कैंट स्टेशन पर शनिवार को गलत प्लेटफार्म पर ले लिया गया। ट्रेन के गलत ट्रैक पर आने के बाद स्टेशन प्रशासन के साथ-साथ यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
आनन-फानन में ट्रेन को पहले पीछे लिया गया और फिर उसे सही प्लेटफार्म पर लाया गया। जब जिम्मेदारी का मामला आया तो दो रेल जोन एक दूसरे के सिर गलती का ठीकरा फोड़ने लगे। अंत में एडीआरएम वाराणसी रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे की संयुक्त जांच टीम गठित की तथा दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिया।
पूर्वोत्तर रेलवे के सिटी रेलवे स्टेशन पर सद्भावना एक्सप्रेस और मालगाड़ी पहुंची। उत्तर रेलवे के कैंट रेलवे स्टेशन से प्लेटफार्म के लिए लाइन मांगी गई। अनुमति मिलने के बाद सद्भावना एक्सप्रेस कैंट के प्लेटफार्म नंबर दो पर ले ली गई।
उधर, प्लेटफार्म नंबर चार पर सद्भावना एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे यात्रियों को जैसे ही जानकारी हुई कि ट्रेन दूसरे प्लेटफार्म आ गई है, अफरा-तफरी मच गई है। वहीं रेलवे प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।
दोपहर बाद लगभग 1:40 बजे पहुंची ट्रेन को फिर से पीछे लेकर प्लेटफार्म नंबर चार पर 2:20 मिनट पर लिया गया। इस गलती के लिए जिम्मेदार पर एनईआर, एनआर आमने-सामने आ गए। पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि मालगाड़ी और एक्सप्रेस दोनों के लिए लाइन मांगी गई थी, उत्तर रेलवे ने गलत लाइन दी।
वहीं, उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन की सही स्थिति नही बताने का आरोप लगाया। अंत में दोनों जोन के एक-एक स्टेशन उपाधीक्षक व सुपरवाइजरों की टीम बनाई गई है जो घटना की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं प्लेटफार्म नंबर दो पर सद्भावना को लिये जाने पर पायलट की भूमिका की भी जांच की जाएगी।