वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना ने नवंबर माह में 40 विद्युत रेल इंजन का उत्पादन किया है। दीपशक्ति 6000 हार्स पावर का लोकार्पण रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव, ट्रैक्शन व रोलिंग स्टाफ के सदस्य राजेश तिवारी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर की। देव-दीपावली के उपलक्ष्य पर इंजन का नाम दीपशक्ति रखा गया। इस दौरान 40वें इंजन आकाशदीप का भी लोकार्पण किया गया। इस उपलब्धि पर रेलवे बोर्ड ने बरेका को डेढ़ लाख रुपये नगद प्रोत्साहन पुरस्कार की घोषणा की।
बरेका की महाप्रबंधक अंजली गोयल ने इंजन की खासियतों के बारे में बताया कि चालक दल को बेहतर सुविधा देने के लिए इंजन में चालक केबिन को बड़ा और वातानुकूलित की भी सुविधा दी गई है। जीएम ने बताया कि बरेका ने 39वें इंजन का उत्पादन कर अपने ही जुलाई माह रिकार्ड की बराबरी की। नवंबर 2019 के अंत तक 168 रेल इंजन निर्माण हुए थे, जबकि इस साल कोरोना काल में नवंबर माह तक बरेका ने 169 इंजन का निर्माण कर लिया। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में उत्पादन शून्य था और मई माह में 8 इंजन ही बने। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बरेका की यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। विद्युत रेल इंजन उत्पादन में 98 फीसदी स्वदेशी उपकरणों का प्रयोग हो रहा है, जिससे एमएमएमई और घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को बड़े पैमाने पर सहायता मिल रही है। 2020-21 में बरेका की वार्षिक खरीद 3000 करोड़ रुपये है, जिसमें एमएसएमई से भी पर्याप्त मात्रा में सामग्री खरीदी जा रही है, जो 2019-20 में लगभग 1400 करोड़ रुपये की थी। प्रति वर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ अर्थव्यवस्था के निर्माण क्षेत्र की जीडीपी में बरेका का महत्वपूर्ण योगदान है।
मोजांबिक को बरेका निर्यात करेगा 3000 हार्स पावर केप गेज डीजल इंजन
बनारस रेल इंजन कारखाना के खाते में एक और उपलब्धि जुडने वाली है। बरेका इस समय एक बड़े निर्यात आर्डर पर कार्य कर रहा है। मोजांबिक देश को 3000 हार्स पावर केप गेज डीजल लोकोमोटिव उपलब्ध कराएगा। इस पर कार्य शुरू हो चुका है।