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UP News: पांचवें दिन मिला खलासी का हाथ का पंजा, होगी डीएनए जांच; हमीद सेतु से नीचे गिरा था ट्रेलर

Wed, 08 Apr 2026 09:05 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: शनिवार तड़के हुए इस हादसे में ट्रेलर चालक राजन यादव (24) की जान चली गई, जिनका शव रविवार को बरामद हुआ था। वहीं खलासी बिट्ठल गुप्ता की तलाश अब भी जारी है। इस घटना ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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हमीद सेतु पर हुए हादसे के बाद खलासी की खोजबीन करती टीम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Ghazipur Accident: हमीद सेतु हादसे के पांचवें दिन बुधवार को गंगा किनारे दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद डूबे ट्रेलर के केबिन से खलासी बिट्ठल गुप्ता (20) का दाहिने हाथ का पंजा बरामद किया गया। बेटे के अवशेष को देखते ही पिता संजय गुप्ता खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े। मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।

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पुलिस ने बरामद अवशेष को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, केबिन में फंसे शव को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ की मदद मांगी गई है। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार ट्रेलर पिकअप से टकराने के बाद वीर अब्दुल हमीद सेतु से गंगा में गिर गया था। हादसे में चालक राजन यादव का शव अगले दिन मिल गया, लेकिन खलासी का शव ट्रेलर के केबिन में फंसा रह गया। लगातार पांच दिन पानी में रहने से स्थिति बेहद जटिल हो गई है।

बेटे का इंतजार, हाथ में आया सिर्फ दर्द
गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के एकला बाजार निवासी संजय गुप्ता पिछले पांच दिनों से बेटे की तलाश में घाट पर डटे थे। हर दिन उम्मीद लेकर आते, लेकिन खाली हाथ लौटते। बुधवार को जब बेटे का पंजा सामने आया, तो उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। बेटे की पहचान का वह टुकड़ा उनके लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

पांच दिन की जद्दोजहद, फिर मिला सुराग
एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार पांच दिनों से ट्रेलर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। तेज बहाव और गहराई के चलते राहत कार्य बेहद कठिन रहा। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे टीम को केबिन तक पहुंचने में सफलता मिली और काफी प्रयास के बाद पंजा बाहर निकाला जा सका।
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शव निकालना अब भी बड़ी चुनौती
पानी में लंबे समय तक फंसे रहने से शव की स्थिति खराब हो चुकी है, जिससे उसे बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इसके लिए एनडीआरएफ को बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही नदी में डूबे ट्रेलर को बाहर निकालना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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