बेटे का इंतजार, हाथ में आया सिर्फ दर्द
गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के एकला बाजार निवासी संजय गुप्ता पिछले पांच दिनों से बेटे की तलाश में घाट पर डटे थे। हर दिन उम्मीद लेकर आते, लेकिन खाली हाथ लौटते। बुधवार को जब बेटे का पंजा सामने आया, तो उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। बेटे की पहचान का वह टुकड़ा उनके लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।
पांच दिन की जद्दोजहद, फिर मिला सुराग
एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार पांच दिनों से ट्रेलर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। तेज बहाव और गहराई के चलते राहत कार्य बेहद कठिन रहा। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे टीम को केबिन तक पहुंचने में सफलता मिली और काफी प्रयास के बाद पंजा बाहर निकाला जा सका।
शव निकालना अब भी बड़ी चुनौती
पानी में लंबे समय तक फंसे रहने से शव की स्थिति खराब हो चुकी है, जिससे उसे बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इसके लिए एनडीआरएफ को बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही नदी में डूबे ट्रेलर को बाहर निकालना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।