जानकारी के अनुसार, ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 1 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:25 से 10:35 बजे के बीच लगातार आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। इसके बाद नंबर को ब्लॉक किए जाने पर 6 अप्रैल को दोपहर 1:55 और 1:57 बजे वॉइस मेल के जरिए अभद्र और धमकीपूर्ण ऑडियो संदेश भेजे गए। इन संदेशों में न सिर्फ अपशब्दों का प्रयोग किया गया है, बल्कि शंकराचार्य को जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई है। संदेशों में उनकी यात्रा के दौरान हमले की बात कही गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शंकराचार्य के अनुयायियों का आरोप है कि गौ रक्षा जैसे धार्मिक और सामाजिक मुद्दे पर आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इस तरह की धमकियां सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में अब विधिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। शंकराचार्य के अधिवक्ताओं द्वारा जल्द ही संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। संत समाज ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।