ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगाकर दोनों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद शुभम और अनन्या को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
उधर, हादसे की सूचना कांवर गांव पहुंची तो परिवार में मातम छा गया। दोनों के शव गांव लाए गए, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव पहुंचते ही पिता नन्दकिशोर निषाद, मां सुनीता देवी, छोटी बहन समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक का माहौल बना रहा।
चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन परिजन दोनों शवों को लेकर अपने गांव चले गए। हादसे के बाद क्षेत्र में गहरा दुख और संवेदना का माहौल है।