परिजनों के अनुसार भगवती देवी को कम सुनाई देता था। रेलवे क्रॉसिंग के पूर्व और पश्चिम दोनों तरफ परिवार के मकान हैं। बताया गया कि मंगलवार रात वह दोनों मकानों के बीच आना-जाना कर रही थीं। इसी दौरान वाराणसी से मऊ की ओर जा रही डीएमयू ट्रेन की चपेट में आ गईं। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों ने आशंका जताई कि कम सुनाई देने के कारण भगवती देवी को ट्रेन के आने की आवाज सुनाई नहीं दी होगी। रेलवे क्रॉसिंग के आसपास हादसा होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से जानकारी ली।
हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। भगवती देवी के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पति ननकू सिंह यादव किसान हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह गाजीपुर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।