चौक थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा में 16 जुलाई को हुई 27 किलो चांदी की टप्पेबाजी का खुलासा न होने से सर्राफा व्यापारियों में सोमवार को आक्रोश दिखा। घटना के 11 दिन बाद भी न तो माल बरामद हुआ और न ही आरोपी गिरफ्तार हुए। इससे नाराज व्यापारियों ने आपात बैठक कर पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
सोमवार शाम वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन की ओर से आसभैरव स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि करीब 60 लाख रुपये की चांदी की टप्पेबाजी का खुलासा न होने से बाहर से आने वाले व्यापारी भी भयभीत हैं। इससे बनारस का व्यापार प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन के वरिष्ठ संरक्षक प्रद्युम्न अग्रवाल की अध्यक्षता में व्यापारी चौक थाने पहुंचे। वहां थानाध्यक्ष दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम मामले की जांच में जुटी है। उन्होंने कहा कि कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
थानाध्यक्ष के आश्वासन के बावजूद व्यापारियों ने अपना अल्टीमेटम दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर माल बरामद नहीं हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़क पर उतरेंगे। सभा का संचालन कर रहे महामंत्री रवि सर्राफ ने कहा कि छोटी-मोटी घटनाओं का पुलिस जल्द खुलासा कर देती है, लेकिन 60 लाख रुपये की इस बड़ी टप्पेबाजी में अब तक कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे सर्राफा कारोबार में भय का माहौल है और पुलिस को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस बोली - मामले की हो रही जांच
थानाध्यक्ष ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच में कुछ प्रगति हुई है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, व्यापारियों ने कार्रवाई के लिए पुलिस को 72 घंटे की समय सीमा दे दी है।