उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी ट्रैक की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह उपयोग के लायक भी नहीं है। उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दिए और वीडीए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
लालपुर सिंथेटिक ट्रैक परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी और यह वर्ष 2022 में बनकर तैयार हुआ। इस ट्रैक के निर्माण के लिए जर्मनी से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री मंगाई गई थी। इसके बावजूद, ट्रैक की वर्तमान स्थिति हैरान करने वाली है।
खेल सचिव ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को भी मौके पर तलब किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जांच में उनकी गलती पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खेल अधिकारी विमला सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनकी भी सुनें: लालपुर स्टेडियम में बनाए गए सिंथेटिक ट्रैक में कुछ गड़बड़ी मिली है। उसकी जांच कराई जाएगी। - हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी