लाखों की घपलेबाजी उजागर होने के बाद आखिरकार टाउनहाल का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। टाउनहाल आवंटन की जांच रिपोर्ट में नियमों-शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने की है। साथ ही, आवंटियों को काली सूची में डालने और आवंटन की शर्तों के उल्लंघन में सपा नेता राजेंद्र त्रिवेदी की भूमिका सामने आने पर उनका नामांतरण आवेदन निरस्त करने का निर्देश दिया है। इस बारे में डीएम ने सप्ताह भर के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट नगर आयुक्त से तलब की है।
टाउनहाल के आवंटन में नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों के सिंडिकेट की बदौलत चल रहे लाखों की घपलेबाजी के खेल का खुलासा सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने किया था। फिर टाउनहाल संघर्ष समिति और क्षेत्रीय लोगों ने भी जिलाधिकारी से टाउनहाल पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कार्रवाई का अनुरोध किया था। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाई थी।
सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार नगर निगम की संयुक्त जांच में पाया गया कि टाउनहाल की चहारदीवारी से सटे दूकानदारों ने आवंटन की शर्तों का उल्लंघन कर अवैध अतिक्रमण किया है। हर आवंटन में सपा नेता राजेंद्र त्रिवेदी सिकमी किराएदार हैं। उनके द्वारा नामांतरण का आवेदन नगर निगम में दिया गया है। जांच टीम ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए टाउनहाल के आवंटन के साथ ही त्रिवेदी के नामांतरण के आवेदन को निरस्त करने की संस्तुति की थी।