वाराणसी में सरकारी दफ्तरों की दीवारों और फ्लाई ओवरों पर शहर की संस्कृति, सभ्यताओं और बाबा काशी विश्वनाथ धाम की तस्वीरों के साथ अब बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) की तस्वीरें भी देखने को मिलेंगी।
शहर में सरकारी दफ्तरों की दीवारों और फ्लाई ओवरों पर शहर की संस्कृति, सभ्यताओं और बाबा काशी विश्वनाथ धाम की तस्वीरों के साथ अब बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) की तस्वीरें भी देखने को मिलेंगी। यहां की उपलब्धियों से काशी आने वाले पर्यटक और शहरवासी रूबरू होंगे।
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बनारस रेल इंजन में पहले डीजल रेल इंजन बनाए जाते थे लेकिन अब यहां पर आधुनिक रेल इंजन का निर्माण हो रहा है। यहां के ट्रेनिंग सेंटर में विभिन्न राज्यों में रेलवे के तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
दीवारों पर बनने वाली चित्रकारी पर बरेका में रेल इंजन बनाने की शुरूआत से अब तक की प्रगति की झलक दिखेगी, वहीं कार्य करने की प्रक्रिया, बरेका की उपलब्धि ये सारी चीजें वॉल पेंटिंग व म्यूरल्स के जरिए नजर आएंगी। इसके लिए डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी की ओर से बरेका में फोटोग्राफी भी हो चुकी है। वहीं पेंटिंग व म्यूरल्स बनाने की जिम्मेदारी बीएचयू के छात्रों को दी गई है।