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एनएचएआई का आदेश: बालू लदे ट्रैक्टरों से भी वसूला जाएगा टोल, ट्रैक्टर का व्यावसायिक इस्तेमाल होने के कारण लिया निर्णय

Sun, 13 Mar 2022 10:40 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

टोलप्लाजा हेड मनीष कुमार ने बताया कि 15 फीसदी ओवरलोड ट्रकें बिना नंबर या गलत नंबर लगाकर चलते हैं। परिवहन विभाग टोल प्लाजा के नंबरों के आधार पर चालान कर देता है जिसके बाद कई ट्रक और कार चालक टोलप्लाजा पर आकर विवाद करते हैं।
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टोल प्लाजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कृषि कार्य के उपयोग के चलते टोल टैक्स में छूट पाने वाले ट्रैक्टरों से अब टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व्यावसायिक कार्यों में लगे ट्रैक्टरों से अब टोल वसूलेगा। ट्रैक्टर के तेजी से व्यवसायीकरण होने के कारण सरकार ने टोल प्लाजा को होने वाले नुकसान को देखते हुए टोल वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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एनएचएआई अब ट्रैक्टर से मिनी ट्रक के बराबर टोल की वसूली करेगा। इन दिनों खेती में काम आने वाले ट्रैक्टर पर जमकर बालू, गिट्टी, ईंट, मिट्टी, भूसा की ढुलाई हो रही है। खेती के बजाय व्यवसायिक कार्यों में ट्रैक्टर का इस्तेमाल होने के कारण टोल प्लाजा को काफी नुकसान हो रहा था।

सरकार ने एनएचएआई को टोलप्लाजा पर ट्रैक्टर से भी टोल वसूलने के आदेश दिया है। टोल प्लाजा हेड मनीष कुमार ने बताया की बालू लदे ट्रैक्टर के कारण सड़कें खराब हो रही हैं। ट्रैक्टर से बालू सड़कों पर गिरता है, जिससे तारकोल और गिट्टी में मिलकर सड़क को खराब कर देता है।

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जिसके कारण सड़कें जल्दी उखड़ने लगती है। डाफी टोल प्लाजा से प्रतिदिन चार सौ से ज्यादा ट्रैक्टर गुजरते हैं जिसमें सौ से ज्यादा तो बालू लदे होते हैं। मनीष कुमार ने बताया कि सरकार ने ओवरलोड चलने वाली वाहनों से 10 गुना तक लगने वाला जुर्माना हटाकर सिर्फ मामूली वसूली बढ़ाई है।

ओवरलोड न दिखे इसके लिए ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालक ऊपर से तिरपाल लगाकर ढक दे रहे हैं। ओवरलोड गाड़ियों की बढ़ती संख्या को लेकर एनएचएआई और टोल वसूली करने वाली कंपनी के अधिकारी परेशान हैं। सोनभद्र, मिर्जापुर, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड से आने वाले लाल बालू, गंगा बालू, मोरंग, गिट्टी, बोल्डर, कोयला लादकर चलने वाले वाहनों की संख्या ज्यादा है।
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बिना नंबर के चला रहे ओवरलोड वाहन

ओवरलोडिंग करने वाले वाहन फर्जी या बिना नंबर के गंगा पुल पर ही गाड़ी से फास्टैग हटा देते हैं। जिससे सिर्फ टोल वसूली से कुछ ज्यादा पैसे देकर पार हो जाते हैं। खाली जाते समय फास्टैग लगाकर चलते हैं ताकि जुर्माना न लगे।

टोलप्लाजा हेड मनीष कुमार ने बताया कि 15 फीसदी ओवरलोड ट्रकें बिना नंबर या गलत नंबर लगाकर चलते हैं। परिवहन विभाग टोल प्लाजा के नंबरों के आधार पर चालान कर देता है जिसके बाद कई ट्रक और कार चालक टोलप्लाजा पर आकर विवाद करते हैं। सरकार द्वारा दी गई छूट का लोग गलत फायदा उठाते हैं।
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