खेलो इंडिया में यूपी टीम को पदक दिलाने वाले बरेका के हॉकी कोच सुनील सिंह का कहना है कि चार मैचों में टीम का प्रदर्शन शानदार था। आगे के मुकाबले कडे़ होने वाले हैं। पेनल्टी कार्नर से नहीं बल्कि मैदानी गोल से पदक पर कब्जा होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिला व्यायाम प्रशिक्षक राजेश दोहरी ने बताया कि इस बार भारतीय टीम फाइनल में जरूर खेलेगी। टीम के गोलकीपर प्रदर्शन और टीम की रणनीति से अब पदक की आश बढ़ गई है। ललित उपाध्याय के साथ कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में साथ खेलने वाले उनके दोस्त और हॉकी खिलाड़ी लक्ष्मीशंकर, हरिकृपाल ने बताया कि भारतीय टीम जिस तरह से खेल रही है, उससे स्वर्ण पदक जीतने की संभावना ज्यादा है।
वाराणसी जिला भारोत्तोलन संघ की ओर से लक्सा के मिसिर पोखरा में ओलंपिक में मीराबाई चानू के पदक जीतने पर जश्न मनाया गया। वेटलिफ्टरों ने कहा कि काशी की बेटियां भी ओलंपिक में कमाल कर सकती हैं, बशर्ते बेहतर संसाधन और सुविधा मिले तो। जिले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय की एक दर्जन महिला वेटलिफ्टर हैं, जो बीस साल से भी पुराने उपकरणों से अभ्यास कर रहीं हैं। लेकिन कोच और संसाधनों के अभाव में ओलंपिक की दहलीज तक नहीं पहुंच पातीं।
यूथ कॉमनवेल्थ सहित सात बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकीं वेटलिफ्टर पूर्णिमा पांडेय का कहना है कि बनारस में प्रतिभाएं तो बहुत हैं, लेकिन भारोत्तोलन खेल से जुडे़ उपकरण, कोच और खुराकी की समस्या के कारण यहां के बेटियां ज्यादा आगे नहीं जा पातीं।
एशियन चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता गौरी पांडेय का कहना है कि भारोत्तोलन में ज्यादातर गरीब तबके ही खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इनके परिजन प्रतिदिन 500 से 700 रुपये की खुराकी का खर्च नहीं उठा पाते। जिला भारोत्तोलन संघ के सचिव चंद्र मोहन शुक्ला ने बताया कि जिले में मात्र दो प्रशिक्षण केंद्र लक्सा और सिगरा स्टेडियम में है, लेकिन यहां खेल उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। एक आधुनिक उपकरणों और अनुभवी कोच युक्त प्रशिक्षण केंद्र की जरूरत है।