पांडेयपुर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी कराते नगर निगम के जोनल अधिकारी महातम यादव।
शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने कमर कस ली है। सोमवार से अभियान शुरू करने के लिए दस मजिस्ट्रेट और जोनल अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं। रविवार को प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में मुनादी कराई गई और अतिक्रमण करने वालों को आगाह किया गया। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों को चेताया गया कि वे अपने सामान हटा लें। यदि नहीं हटाते हैं तो अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की मुनादी से अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के निर्देश के बाद दो दिन से नगर निगम के जोनल अधिकारियों की ओर से मुनादी कराई जा रही है। रविवार की शाम जोनल अधिकारी महातम यादव ने पांडेयपुर समेत कई इलाकों में रिक्शे पर माइक लगाकर लोगों से अतिक्रमण हटाने की अपील की। लोगों से अनुरोध किया गया कि वे नाली-नाला पर किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटा लें। इसके अलावा भेलूपुर, दशाश्वमेध, कोतवाली और आदमपुर जोन में भी अतिक्रमण हटाने की मुनादी कराई गई। मालूम हो कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों और गलियों में अतिक्रमण है। नाला-नाली पर दूकानें लगी हैं। पिछले दिनों महापौर राम गोपाल मोहले और जिलाधिकारी विजय किरन आनंद नगर निगम के अफसरों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था का हाल जानने निकले थे। इस दौरान शहर की सड़कों पर जगह-जगह गिट्टी-बालू और अतिक्रमण का जाल बिछा देख जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई थी और सोमवार से पूरी तैयारी के साथ अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
पूर्व डीएम प्रांजल यादव के तबादले के बाद जिले में अतिक्रमण हटाने के लिए एक साल से ज्यादा समय से कोई बड़ा अभियान नहीं चला। प्रांजल यादव ने शहर के सभी प्रमुख इलाकों में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया और सड़कें चौड़ी कराई। उनके बाद जिले में तैनात हुए राजमणि यादव के कार्यकाल में कोई ठोस कार्रवाई अतिक्रमण के खिलाफ नहीं हुई। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के सख्त रुख को देखकर आमजन में उम्मीद जगी है कि अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी और जाम जैसी अन्य प्रकार की समस्याओं से निजात मिलेगी।