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चौकसी के लिए शहर में मोर्चेबंदी

Thu, 06 Oct 2016 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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पीओके में भारतीय सेना के सर्जिकल ऑपरेशन के बाद उपजे तनाव, आतंकी हमले के खुफिया इनपुट के चलते जिले में पहले ही हाई अलर्ट घोषित करने के बाद अब चौकसी और सख्त कर दी गई है। दो दिन बाद शहर के दुर्गा पूजा पंडालों में नवरात्र उत्सव शुरू हो जाएगा। दिन-रात हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचेंगे। उसके बाद दशहरा, प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम। खुफिया इनपुट के साथ ही एक के बाद एक आयोजनों को देखते हुए जिला पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता रणनीति बनाई है। सभी थानों और उनके क्षेत्र के मंदिरों, घाटों सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर मोर्चा बनाकर एसएलआर और इंसास रायफल से लैस पुलिस के जवानों की तैनाती की जा रही है। इन मोर्चों से चौबीस घंटे निगहबानी होगी।
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आतंकी हमले के खुफिया इनपुट और त्योहारों के मद्देनजर इन दिनों पुलिस बेहद सतर्क है। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर बम निरोधक दस्ते द्वारा रोजाना तलाशी अभियान के साथ ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट संदिग्धों पर नजर रख रही है। इसी क्रम में बुधवार को लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत बीएचयू गेट और बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर, ट्रॉमा सेंटर, वीसी लाज, आईआईटी चौराहा, केंद्रीय कार्यालय सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर बालू भरी बोरियों से मोर्चा तैयार करने की कवायद जारी रही। इसके साथ ही, लोहता थाना, मंडुवाडीह के कंचनपुर स्थित पॉवर हाउस, जिला अस्पताल सहित शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी मोर्चा तैयार किया गया। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र व संकट मोचन मंदिर परिसर के समीप और अस्सी घाट, कैंट रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि शांति और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी थानों की पुलिस, बम निरोधक दस्ते और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को चौबीसोें घंटे एलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।


आतंकी हमले की आशंका से जुड़े खुफिया इनपुट पर डीरेका प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आने जाने वालों की निगरानी के साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने परिसर में रहने वाले डीरेका कर्मियों और उनके परिवारों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने को कहा है। आरपीएफ जवानों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। डीरेका परिसर के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर पोटा केबिन बनाकर 24 घंटे सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई है। कारखाना और आवासीय परिसर में 48 सीसीटीवी कैमरों के जरिये भी पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। परिसर में रात 10 बजे के बाद प्रवेश करने वालों को टोकन जारी किया जा रहा है। डाग स्क्वॉड और आरपीएफ की ओर से रेंडम चेकिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, 35 सदस्यीय उड़ाका दल बनाया गया है, जो किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करेगा। आरपीएफ ने परिसरवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के दिखाई देने पर तत्काल कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0452-2270121 पर सूचना दें।
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