बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के छात्र हॉस्टल खाली कराने के विरोध में शनिवार को धरने पर बैठ गए। आयुर्वेद अस्पताल के सामने हुए धरने में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। कहा कि बीच सत्र में हॉस्टल खाली कराया जाना न्यायसंगत नहीं है। इससे पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपने आदेश को वापस लेने की मांग की।
आयुर्वेद संकाय के चतुर्थ वर्ष के मेडिकल के छात्रों का कहना था कि चार सितंबर को अचानक नागार्जुन हॉस्टल खाली करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें नोटिस थमा दिया। यह कहते हुए कहा कि इसे अब गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। बीच सत्र में हॉस्टल खाली कराया गया तो छात्र कहां जाएंगे।
दूसरी जगह रहने का प्रबंध करने में परेशानियां होंगी और पढ़ाई भी बाधित होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन जो भी कदम चाहे उठाए लेकिन सत्र समाप्त होने के बाद। धरने पर बैठे छात्रों से मिलने आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएस पांडेय पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी के निर्देश पर मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बात की। उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं हल की जाएंगी। पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि आश्वासन के बाद मेडिकल छात्र मान गए। उनकी समस्याओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन विचार करेगा।