वाराणसी। योग्य और ऊर्जावान चेहरों की सहभागिता से ही किसी भी संगठन की बुनियाद और मजबूत होती है। जरूरत इस बात की है कि संघ के वरिष्ठ प्रचारक बड़ी संख्या में नए स्वयंसेवकों को संघ से जोड़ें और उन्हें सक्रिय करें। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने वरिष्ठ प्रचारकों के साथ हुई बैठक में शुक्रवार को कहीं। महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन में चल रही संघ की वार्षिक योजना बैठक में शामिल होने के लिए वे काशी पहुंचे।
संघ सूत्रों के मुताबिक मोहन भागवत ने वरिष्ठ प्रचारक अनिल ओक, अभय कुमार, शिव नारायण से बंद कमरे में बातचीत की। संकेत दिए कि संघ की जड़ें समाज में और गहरी करनी हैं तो हिंदुत्व के एजेंडे पर काम जारी रखना होगा।
वार्षिक योजना बैठक के पहले सत्र में सर संघ चालक ने कहा कि नए स्वयंसेवकों को जोड़ा जाए। योग्य स्वयंसेवकों की परख की जिम्मेदारी उन्होंने क्षेत्र और प्रांत प्रचारकों समेत वरिष्ठतम प्रचारकों को सौंपी।
सूत्रों की मानें तो दूसरे सत्र में मोहन भागवत ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 22 पुराने कारसेवकों से मुलाकात की। ये वे लोग हैं जो 1992 में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे। इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
संघ चाहता है कि मंदिर निर्माण का मुद्दा कोर्ट के बाहर दोनों समुदायों से बातचीत कर सुलझाया जाए। इस मुलाकात से भाजपा के अंदर बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। जो लोग राम मंदिर आंदोलन के दौरान सक्रिय थे उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। आने वाले दिनों में संगठन और सत्ता में इनका कद बढ़ सकता है।