वाराणसी। रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को केंद्रीय कारागार में जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भाई-बहन के अटूट रिश्ते की भावनाएं नजर आईं। किसी के हाथ में राखी थी तो कोई भाई के लिए मिठाई लेकर पहुंचा था। मुलाकातियों की भारी भीड़ और उनकी बेसब्री को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुबह आठ से शाम पांच बजे तक मुलाकात की व्यवस्था की।
मुख्य द्वार के बाहर टेंट, कुर्सी-टेबल और जलपान की व्यवस्था की गई। मिलावटी मिठाइयों से बचाने और बंदियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रख बंदी कल्याण कैंटीन में तैयार गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध मिठाइयों की व्यवस्था की गई। जो बहनें राखी लेकर नहीं पहुंच सकीं, उन्हें जेल प्रशासन की ओर से राखी उपलब्ध कराई गई। रक्षाबंधन पर 462 बंदियों से उनके 1,100 परिजनों ने मुलाकात की। इनमें 803 महिलाएं और 297 बच्चे शामिल रहे। जेल परिसर में भावुक कर देने वाले कई दृश्य भी देखने को मिले। निगरानी जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, भोजराज, अमिता श्रीवास्तव ने की।