गाजीपुर की जमानिया कोतवाली क्षेत्र के मदनपुरा रोड के किनारे अवैध तरीके से संचालित सहारा जन कल्याण मेंटल हॉस्पिटल (मानसिक चिकित्सालय) में मरीजों को बंदियों से भी कड़ी सजा दी जाती थी। भर्ती करने के साथ पैर में लोहे की मोटी बेड़ी डालते थे।
उन्हें एक शटर के अंदर कमरों में बंद रखा जाता था। इलाज के नाम पर गैस की दवा देते थे। यह खुलासा यहां बंद मिले लोगों ने किया है। एक दशक से चल रहे इस अवैध अस्पताल के बारे में स्वास्थ्य विभाग अनजान था।
विभाग का दावा है जमानिया क्या पूरे जिले में मेंटल हॉस्पिटल नहीं है, जबकि यह अस्पताल जमानिया सीएचसी से करीब तीन और पीएचसी से छह किमी दूर पर संचालित है। इसके बारे में आसपास के जिलों के अलावा बिहार तक के लोगों को जानकारी थी।
78 हजार में इलाज, 6 हजार खाने का
इस अस्पताल में बंद सभी छह मरीज खुद को स्वस्थ्य बता रहे हैं। ये भी बताया कि यहां हमें दवा और खाना मिलता है। कुछ भी गलत करने पर डंडे से पीटा जाता है। एक माह से भर्ती और दोनों पैर में बेड़ियों से जकड़े विक्की कुमार (21) को देखने बिहार से आए पिता बिगाहूं राम ने बताया कि नशे की तल छुड़ाने के लिए बेटे को यहां भर्ती कराया है। पूरा इलाज के लिए 78 हजार में बात हुई थी। छह हजार हर महीने खाने का अलग देता हूं।