केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्र द्वारा आत्मदाह के प्रयास के बाद कुलपति प्रो. भिखु डा. गेशे नवांग समतेन ने शनिवार को अतिशा सभागार में छात्र-छात्राओं से कहा कि वे अपने बहुमूल्य जीवन का सदुपयोग करें।
उन्होंने कहा कि हमारी जनसंख्या कम है, एक भी व्यक्ति कम होता है तो यह हमारा बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने अपील की कि तिब्बत के भीतर या बाहर भावनाओं में बहकर अपने जीवन का अंत न करें।
उन्होंने कहा कि सक्रिय रूप से संस्कृति, शिक्षा आदि में योगदान देकर अपने जीवन को सफ ल बनाएं। अगर देखा जाय तो तिब्बत की संस्कृति पूरे विश्व में व्याप्त है। कुलुति सामतेन ने कहा कि परंपरागत संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक विद्या भी ग्रहण करनी चाहिए।
तभी हम देश और संस्कृति के विकास में बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने समापन के समय भी विद्यार्थियों और कर्मचारियों से जीवन के महत्व को समझने और देश के उत्थान में योगदान देने की अपील की।