वाराणसी। बीएचयू में एमए इन एनर्जी इकोनॉमिक्स के दाखिले में अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है। नाराज अभ्यर्थी शुक्रवार को अर्थशास्त्र भवन पर धरने पर बैठ गए और भवन पर ताला जड़ दिया। इसके बाद सामाजिक विज्ञान संकाय के न्यू पीजी बिल्डिंग ‘समन्वय भवन’ में चल रही काउंसलिंग भी रुकवा दी। इस दौरान करीब एक घंटे तक काउंसलिंग रुकी रही।
छात्रों का कहना है कि एमए इन एनर्जी इकोनॉमिक्स में मेरिट में आए 27 अभ्यर्थियों का दाखिला रोक दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस पाठ्यक्रम के लिए वो अर्ह नहीं हैं। वही अर्ह होंगे, जिन्होंने इंटरमीडिएट में गणित की पढ़ाई की है। जबकि छात्रों का तर्क है कि स्नातक के लिए गणित की बाध्यता हाईस्कूल में है, तब स्नातकोत्तर में इंटरमीडिएट की बाध्यता कैसे लगाई जा सकती है। छात्रों का कहना है कि कुलपति ने कमेटी गठित कर जांच का आश्वासन दिया है। वहीं एपीआरओ डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि प्रवेश परीक्षा सूचना पुस्तिका में साफ उल्लेख है कि एमए इन एनर्जी एकोनॉमिक्स के लिए वही अर्ह हैं जिनके इंटरमीडिएट में गणित विषय हैं और उसमें 50 फीसदी अंक हैं। विरोध करने वाले छात्र बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। बता दें कि धरना प्रदर्शन में आशुतोष सिंह, आकाश बाबू, विशाल, शुभम, गौरव, सुंदरम, रजत आदि अभ्यर्थी शामिल रहे।