बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया के विरोध में बीएचयू के तीन छात्र संगठन उतर आए हैं। एबीवीपी पदाधिकारियों से खींचतान और विवाद के बाद अब आईसा और एनएसयूआई ने भी सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलकर उन्हें हटाने की मांग कर दी है। आरोप लगाया कि 15 सितंबर को एमएमवी में लैब के दौरान जब प्रो. पोखरिया क्लास ले रहे थे तो एक छात्रा को बाहर नहीं जाने दिया गया, जबकि उसको कुछ दिक्कत थी।
पत्र में कहा गया है कि छात्रा रोते हुए लैब के बाहर गिर गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की, जबकि छात्रा ने पहले ही कुलपति और एमएमवी की प्राचार्य से शिकायत कर दी थी। वहीं शिक्षकों की जनरल बॉडी मीटिंग भी हुई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने प्रो. पोखरिया को चीफ प्रॉक्टर और प्रोफेसर पद से हटाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर छात्र न्याय के लिए सड़क पर उतरेंगे। बीते सप्ताह बीएचयू के बंद कमरे में एक वार्ता के दौरान एबीवीपी और चीफ प्रॉक्टर के बीच काफी बहसबाजी हो गई थी। चीफ प्रॉक्टर के ऊंची आवाज में मोबाइल से रिकॉर्ड करने के लिए रोका तो छात्रों से लंबी बहस हो गई।
मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बिल्कुल भी सही नहीं हैं। छात्र संगठनों को बताना चाहता हूं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह से बातें की जा रही हैं, जो कि पूरी तरह से निराधार है। विश्वविद्यालय में नियम-व्यवस्था का पालन सर्वोपरि है। - प्रो. संदीप पोखरिया, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू