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Varanasi News: साढ़े तीन किलोमीटर के जाम में तीन लाख लोगों के हर दिन जाया हो रहे चार घंटे

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वाराणसी। शहर में जाम के चलते रोजाना तीन लाख लोगों के बहुमूल्य चार घंटे जाया जा रहे हैं। लंका-सामनेघाट, पांडेयपुर-पहड़िया मार्ग, मंडुवाडीह-लहरतारा मार्ग और बेनिया-नई सड़क-गिरजाघर मार्ग सहित शहर के साढ़े तीन किलोमीटर दायरे में ही रोजाना तीन लाख लोगों के चार घंटे बेवजह जाम में बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में मंजिल तक पहुंचने के लिए लोगों को रोज आधा से एक घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। सिटी कमांड सेंटर के अनुसार इन मार्गों पर 24 घंटे में लगभग तीन लाख लोग जाम का सामना करते हैं।
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लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर दिन शहर की ज्यादातर सड़कों और चौराहों पर 15 से 50 मिनट का जाम लोगों को झेलना पड़ रहा है। इस लिहाज से जाम से जकड़े चार चौराहे पार करने में लोगों को एक से चार घंटे तक लग जा रहे हैं। महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने बताया कि व्यापारियों से कोई सुझाव ही नहीं लिया जाता है। कट खोलने और बंद करने का सर्वे होना चाहिए। पहले यातायात नियोजन समिति गठित थी, जिसमें व्यापारियों को शामिल किया गया था। व्यापारी जाम से निपटने के सुझाव देते थे। समिति पिछले पांच साल से भंग है।



तीन तरफ से फ्लाईओवर, चोक होता है मंडुवाडीह चौराहा
श्रद्धालुओं व पर्यटकों के बढ़ते दबाव और वाहनों की बढ़नी संख्या के चलते शहर के मार्ग सुबह और शाम के समय अधिक व्यस्त रहते हैं। खास तौर पर ककरमत्ता-लहरतारा वाया मंडुवाडीह मार्ग पर सुबह और शाम के समय अधिक जाम लगता है। मंडुवाडीह चौराहे से पहले तीन तरफ से फ्लाईओवर होने के चलते इस रूट पर शहर के अंदर और बाहरी गाड़ियों का दबाव अधिक होता है। सुबह के समय बनारस स्टेशन पर ट्रेन से आने और जाने वाले लोगों का दबाव अलग होता है।
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लंका चौराहे पर 50 हजार बाहरी वाहनों का दबाव
लंका-सामनेघाट मार्ग पर हर दिन लगभग 50 हजार बाहरी वाहन सिर्फ बीएचयू समेत निजी अस्पतालों, पैथालॉजी, डायग्नोस्टिक सेेंटर समेत मेडिकल स्टोर पर दवाओं के लिए आते-जाते हैं। सामनेघाट पर जाम में फंसे लोगों को लंका पहुंचने में दो मिनट के बजाय 40 से 45 मिनट का समय लग जाता है।


बेनिया-नई सड़क-गिरजाघर पर दर्शनार्थियों की भीड़
बेनिया होते हुए नई सड़क और गिरजाघर तक दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है। सुबह और शाम के समय श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन और गंगा आरती के समय भीड़ बढ़ जाती है। नई सड़क में कपड़े, होजरी कपड़े, बेनिया में जूते की खरीदारी के लिए पूर्वांचल भर के लोगों की जुटान होती है। हर घंटे इस मार्ग पर 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। वहीं, भोजूबीर-अर्दली बाजार मार्ग पर अधिकतर दुकानें और निजी अस्पताल हैं। अधिकतर दुकानों के बाहर पार्किंग नहीं है। वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं, जिससे जाम लगता है।


पांडेयपुर-पहड़िया मार्ग पर मंडी और बाहरी वाहन लगाते हैं जाम
पांडेयपुर काली माता मंदिर से लेकर पहड़िया मार्ग भी जाम की चपेट में रहता है। चौबेपुर, गाजीपुर के बीच आने वाले बाहरी वाहनों की संख्या रोजाना 40 हजार से अधिक होती है। इसके अलावा सारनाथ भ्रमण को जाने वाले पर्यटकों की संख्या भी जाम का कारण बनती है। आटो रिक्शा, ई-रिक्शा और निजी वाहनों का दबाव इतना होता है कि पांडेयपुर फ्लाईओवर के ऊपर तक वाहनों की कतार लग जाती है।


जाम के चलते नदेसर मोटर पार्ट्स का बाजार 30 फीसदी हुआ कम
नदेसर-घौसाबाद मोटर पार्ट्स व्यापार समिति के अध्यक्ष सुजीत गुप्ता ने बताया कि शहर में यातायात जाम के चलते मोटर पार्ट्स का बाजार 30 फीसदी कम हो गया है। चौकाघाट से घौसाबाद की ओर जाने वाले चार पहिया वाहनों को सांस्कृतिक संकुल, पुलिस लाइन, कचहरी, वरूणा पुल, मिंट हाउस होकर आना पड़ता है। अंधरापुल से आने वाले वाहनों को भी छावनी की ओर से मिंट हाउस होते हुए नदेसर आना पड़ता है।
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यह हैं जाम के प्रमुख कारण
- ट्रैफिक सिग्नल लाइट का मैनेजमेंट ठीक नहीं
- सड़कों पर किए गए अवैध निर्माण व ठेले-खोमचे
- बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर का शिफ्ट नहीं होना
- बेतरतीब वाहनों की अवैध पार्किंग
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शहर के प्रमुख चौराहों पर 24 घंटे में जाम की स्थिति
चौराहा जाम की अवधि
मंडुवाडीह चौराहा 9 घंटे
मालवीय चौराहा लंका 8 घंटे
भेलूपुर चौराहा 5 घंटे
सिगरा चौराहा 11 घंटे
पांडेयपुर चौराहा 9 घंटे
गिरिजाघर चौराहा 9 घंटे
मैदागिन चौराहा 14 घंटे




एक नजर में सड़कों की स्थिति
- शहर में लोक निर्माण विभाग की 44 सड़कों की लंबाई 150 किलोमीटर
- नगर निगम की 300 सड़कें 1170 किमी लंबाई में फैलीं



जाम समाप्त करने के लिए कई प्रस्ताव भेजे गए हैं और कुछ सड़कों पर काम चल रहा है। आने वाले एक वर्ष में शहर को जाम से निजात मिल जाएगी। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

सड़कों पर जाम नहीं लगने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ थानों की पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन चौराहों पर ज्यादा जाम लग रहा है वहां की सिग्नल लाइट के मैनेजमेंट को भी ठीक कराया जाएगा। - विक्रांत वीर, डीसीपी ट्रैफिक
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