आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूर्वांचल में 600 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। अकेले वाराणसी में तीन सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
हड़ताल में शामिल राष्ट्रीयकृत बैंकों की 250 से अधिक शाखाओं के ताले नहीं खुले। इस एक दिनी हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंकों का भारतीय स्टेट बैंक में विलय रोकने, श्रमिक विरोधी नीतियां बदलने, सेवा शर्तों को एकतरफा न थोपने जैसी मांगों को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल रही।
पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, यूको बैंक की शाखाओं में पूर्ण हड़ताल से कामकाज प्रभावित रहा।
इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने अंचल, मंडल और शाखा कार्यालयों के सामने नारेबाजी की। इससे वाराणसी में 18000 चेक, ड्राफ्ट का निस्तारण नहीं हो सका।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री संजय कुमार शर्मा ने बताया कि नगद, अंतरण, आरटीजीएस और नेफ्ट के चलते शहर में तीन सौ करोड़ और पूर्वांचल में छह सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है।
इस हड़ताल के बाद द्वितीय शनिवार और फिर रविवार पड़ने की वजह से अब लगातार तीन दिन तक बैंकिंग सेवाओं से लोग वंचित रह जाएंगे। यूनियन के अध्यक्ष आरबी चौबे ने हड़ताल को सफल बताया।
अलग-अलग प्रदर्शन और सभाओं में सुनील सेठ, राघवेंद्र चतुर्वेदी, पीके घोष, केके मुरारका, प्रमोद द्विवेदी, मुकुंद लाल शर्मा, मणिकांत उपाध्याय, विनय सिंह, गरिमा पांडेय समेत तमाम बैंक कर्मियों ने हिस्सा लिया।