इसके बार धीरे-धीरे अंशू से एक लाख 70 हजार रुपये जयशंकर अपने अकाउंट में मंगवाया। इसके बाद 30 हजार रुपये और मांग रहा था तो अंशू को शक हुआ और उसने कैंट थाने में इसकी शिकायत की। जयशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सब इंस्पेक्टर सौरभ पांडेय को विवेचना सौंपी गई।
जयशंकर के मोबाइल नंबर और उसके बैंक अकाउंट की मदद से सब इंस्पेक्टर सौरभ पांडेय ने उसे चिह्नित किया। शनिवार को उन्होंने सब इंस्पेक्टर मनीष कुमार मिश्रा और हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार सिंह, विजय शंकर व प्रमोद की टीम के साथ जयशंकर और उसके दो दोस्तों चंदन व विकास को इमलिया घाट के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस की पूछताछ में जयशंकर ने बताया कि वह और उसके दोनों दोस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सेना भर्ती के नाम पर बेरोजगारों के साथ होने वाली ठगी के बारे में वह समाचार पत्रों में लगातार पढ़ता रहता था।
उसी से प्रभावित होकर उसने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में अपने दो दोस्तों के साथ ठगी की योजना बनाई। इसके बाद वह सेना भर्ती कार्यालय के आसपास रोजाना चक्कर काटने लगा। बीते दो मार्च को अंशू यादव उससे टकरा गया तो उसने उसे अपना पहला निशाना बनाया