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Varanasi: ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी की वादिनियों ने की सामूहिक पूजा, परिसर में मिले बाबा का आशीर्वाद भी

Sat, 25 Mar 2023 09:43 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क,अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी विश्वनाथ मंदिर के कॉरिडोर में मौजूद श्रृंगार गौरी के विग्रहों की वादिनी महिलाओं द्वारा पूजा की गई और मामले में जीत के लिए भी मनोकामना की गई।
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मां श्रृंगार गौरी का दर्शन-पूजन: ज्ञानवापी पहुंचीं वादिनी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी से संबंधित वाद दाखिल करने वाली सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास व लक्ष्मी देवी शनिवार को अपने पैरोकारों डॉ. सोहन लाल आर्य और अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के साथ सामूहिक दर्शन-पूजन किया। साथ ही ज्ञानवापी परिसर की मुक्ति व भव्य मंदिर निर्माण की कामना की है।

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चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि को वर्ष में एक बार मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाती है। इसी क्रम में मां  श्रृंगार  गौरी की चार वादिनी मां  श्रृंगार गौरी के मूल स्वरूप का दर्शन-पूजन करने आईं। इस दौरान अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने का कि मां के दर्शन-जून की अनुमति रोज मिलनी चाहिए। बीते 16 मई को ज्ञानवापी परिसर में हमें आदि विश्वेश्वर का जो शिवलिंग मिला था, उसका दर्शन-पूजन जल्द से जल्द शुरू हो। हमें पूजापाठ के हमारे अधिकार से रोका न जाए।

दर्शन-पूजन के बाद वादिनी महिलाओं के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा- श्रृंगार गौरी के पास लगी बैरिकेडिंग आज प्रशासन की तरफ से हटा दी गई थी। जिसके बाद मां की पूजा-पाठ का मौका मिला। वहीं ज्ञानवापी में जो बाबा मिले हैं उनका बाहर से हमने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। 
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चौखट नहीं, मूल स्थान से मिले दर्शन की अनुमति

वादिनी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता ने कहा कि अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि मां शृंगार गौरी की चौखट के बजाय उनके मूल स्थान पर दर्शन-पूजन करने की अनुमति मिले। हमने मां शृंगार गौरी और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की है कि जो मुकदमा लड़ रहे हैं, उसमें सफलता मिले और वह जल्द निस्तारित हो।

एक साथ मुकदमों की सुनवाई पर 27 को आ सकता है आदेश

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी प्रकरण से जुड़े सात मुकदमों की सुनवाई एक साथ किए जाने की मांग हमारी ओर से की गई है। पूरी उम्मीद है कि 27 मार्च को अदालत का आदेश आएगा। बीते साल मई महीने में ज्ञानवापी में कमीशन की कार्रवाई के दौरान जिस स्थान की सुरक्षा की जैसी व्यवस्था बनाई गई थी, वह वैसी ही है।

आज हमने मां श्रृंगार गौरी की पूजा के साथ दूर से ही ज्ञानवापी में मिले बाबा के शिवलिंग को भी प्रणाम कर आशीर्वाद मांगा। हमें पूरी उम्मीद है कि एक दिन मां शृंगार गौरी के साथ ही बाबा के प्राचीन शिवलिंग के दर्शन-पूजन की राह भी आसान होगी। वहीं, मां शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन के मद्देनजर विश्वनाथ मंदिर और उसके आसपास पुलिस सुबह से शाम तक अतिरिक्त सतर्कता के साथ तैनात रही।

ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वे हो

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराया जाना बहुत जरूरी है। उम्मीद है कि अदालत हमारी मांग के अनुरूप आदेश देगी। पुरातात्विक सर्वेक्षण होगा तो स्पष्ट हो जाएगा कि ज्ञानवापी की सच्चाई क्या है और अनादि काल से वहां क्या था।
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मां श्रृंगार गौरी का सामूहिक दर्शन-पूजन, अर्पित किए 108 नारियल

मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन के लिए जाते भक्त - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को शृंगार गौरी का सामूहिक दर्शन-पूजन किया। महापरिषद के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ल व मीरा शुक्ल ने बताया कि यह परंपरा विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख अशोक सिंघल के नेतृत्व में प्रारंभ हुई थी। वर्ष 1986 से ही सामूहिक दर्शन पूजन किया जा रहा है। सामूहिक पूजन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। उपाध्यक्ष अनिल रावल शास्त्री और महामंत्री ब्रह्मचारी डाॅ. वागीश स्वरूप ने संपन्न कराया।
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