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UP News: हाईकोर्ट के रिटायर्ड रजिस्ट्रार से की थी 49 लाख की साइबर ठगी, तीन जालसाजों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Wed, 04 Jun 2025 01:21 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Latest News: वाराणसी जिले में 11 मई को साइबर थाने में पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। छानबीन के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुभाष चंद्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 49 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लखनऊ के कैंट थाने के आजाद मोहाल, सदर बाजार के गौरव जायसवाल और सीतापुर जिले के हटौरा खैराबाद के ताबिश उर रहमान व कजियारा खैराबाद के असद वकील खान शामिल हैं। इनके पास से तीन मोबाइल फोन और 3,335 रुपये बरामद किए गए हैं।

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आदर्श नगर, शिवाजी नगर, महमूरगंज निवासी सुभाष चंद्रा की तहरीर पर गत 11 मई को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। सुभाष चंद्रा का आरोप है कि उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाकर साइबर ठगों ने उनसे 49 लाख रुपये की साइबर ठगी की। 

एडीसीपी (क्राइम) श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए साइबर क्राइम थाना प्रभारी अजय राज शर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, एएसआई श्याम लाल गुप्ता और अन्य पुलिसकर्मियों की गठित की गई। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबरों, लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों का डिजिटल फुट प्रिंट तैयार किया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह के अन्य जालसाजों की तलाश की जा रही है।

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आमजन को पैसे का लालच देकर खुलवाते हैं खाता

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हमारा गिरोह आमजन को पैसे का लालच देकर उनका खाता बैंक में खुलवाता है। उन बैंक खातों में क्रेडिट की गई धनराशि का कुछ हिस्सा भी खाताधारक को दिया जाता है। खाता खुलवाने के बाद उससे संबंधित इंटरनेट बैंकिंग और डेबिट कार्ड बैकिंग का एक्सेस अपने पास ले लिया जाता है। उसके बाद इन्हीं खातों में साइबर ठगी से संबंधित धनराशि को मंगवाई जाती है। फिर पैसे को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल ली जाती है। गिरोह के विदेशी साथियों को अपना कमीशन काटते हुए डालर में पेमेंट किया जाता है।
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