तीन से चार अगस्त 2024 के बीच पीड़ित के करंट खाते में तीन करोड़ 20 लाख रुपये विभिन्न माध्यम से भेजे गए। 2.50 करोड़ रुपये 15 दिन में विभिन्न माध्यम से निकाल लिए गए। आरोपी पुनीत ने विद्यालय में आना भी छोड़ दिया। पीड़ित को बाद में जानकारी मिली कि उसके विरुद्ध झारखंड और लखनऊ में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं।
पीड़ित पंकज दुबे को जब जानकारी हुई कि उसके खाते में गलत तरीके से साइबर फ्रॉड कर तीन करोड़ भेजा गया है। इस पर वह बैंक के कर्मचारियों से मिला, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रार्थी कभी बैंक गया ही नहीं और न ही किसी चेक पर हस्ताक्षर किया था। इस मामले में दोषी पाते हुए कोर्ट ने आरोपी शिक्षक पुनीत और यस बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज करने के लिए भेलूपुर थाने को आदेश दिया है।