ग्रामीणों ने आशंका जताई कि नहर के रास्ते मगरमच्छ कुएं तक पहुंचे होंगे। उनका कहना था कि आसपास जलस्रोत होने के कारण मगरमच्छों के कुएं में पहुंचने की संभावना है। तीन मगरमच्छ एक साथ मिलने से ग्रामीणों में काफी देर तक भय का माहौल बना रहा। लोगों को चिंता थी कि यदि मगरमच्छ किसी तरह कुएं से बाहर निकल आए तो आबादी में पहुंचकर परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
ग्राम प्रधान सूरज सोनकर ने घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पहले कुएं के आसपास मौजूद ग्रामीणों को दूर किया और सुरक्षा के इंतजाम किए। इसके बाद मगरमच्छों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
वन विभाग की टीम ने जाल की मदद से कड़ी मशक्कत की। टीम ने तीनों मगरमच्छों को एक-एक कर जाल में फंसाया और सावधानीपूर्वक कुएं से बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान को देखते रहे। तीनों मगरमच्छों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेंजर डीएस नेगी ने बताया कि तीनों मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें नदी में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से जलस्रोतों और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है।