30 मई 2012 को ट्रेन मऊ से चली और इंदारा के आउटर से पहले धीमी हुई। इसी दौरान आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही और हाथ धोते समय हथकड़ी सरका कर चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकला। विवेचना के बाद देवरिया के लार थाना क्षेत्र के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल के साथ ही रिजर्व पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात आरक्षी सुदामा यादव, सुधाकर सिंह और सूबेदार सिंह यादव के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। अभियोजन की तरफ से कुल छह गवाहों को प्रस्तुत किया गया।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद सिपाही सुदामा यादव, सुधाकर सिंह व सूबेदार सिंह यादव को दोषी पाया।
गंगा में बिरयानी फेंकने के मामले में 27 को सुनवाई
रमजान में नाव पर इफ्तार पार्टी करने व बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में अब 27 अप्रैल को सुनवाई होगी। बुधवार को इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की एकल पीठ ने की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तिथि नियत की है। वाराणसी निवासी मो.आजाद अली, निहाल अफ्रीदी, मो.तहसीम और मोहम्मद तौशीफ व अनस व अन्य के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज है। ट्रायल कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की है।