ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चन्द्रा की अदालत ने सोमवार को गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को 10-10 साल की कठोर कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियाेजन पक्ष के अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने बताया कि बड़ा कठार निवासी वादी संतोष कुमार पांडेय ने न्यायालय में पत्रक देकर बताया था कि 12 अगस्त 2008 की शाम उनके पिता रामसागर पांडेय शौच को गए थे कि इस बीच पुरानी रंजिश को लेकर प्रभाकर, रामलखन ने पुरानी रंजिश को लेकर उनपर हमला बोल दिया। इस बीच दिवाकर का पुत्र विदुल भी डंडा व सरिया से लैस होकर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाज के दौरान उनके पिता की मौत हो गई। इस मामले में दुर्गागंज थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। कोर्ट ने तीनों दोषियों को गैर इरादन हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 साल की कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माना लगाया।