एएसपी ऋषभ रुणवाल ने बताया कि बभनी और साइबर थाने की संयुक्त टीम गठित कर राजस्थान भेजा गया। पुलिस ने वहां से राजस्थान के खैरतल तिजारा जिले किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के पड़ासला निवासी वारिस खान को दबोचा। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिमकार्ड और 1050 रुपये नकद बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने फेसबुक पर सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन दिया था। लैपटॉप खरीदने के लिए प्रवेश ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने सामान भेजने, टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर करीब साढ़े 14 हजार की रकम ली। इसके बाद लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और मोबाइल का डाटा लेकर एआई की मदद से अश्लील वीडियो तैयार कर उसे प्रवेश के मित्रों, परिजनों और रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी।
आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इसी से आहत होकर प्रवेश ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की जांच की तो उसमें ठगी की रकम प्राप्त होने के साक्ष्य मिले। मोबाइल में मौजूद मोबी क्विक वैलेट में पांच जून को संबंधित धनराशि प्राप्त होना भी पाया गया। आरोपी ने बताया कि ठगी की रकम में से कुछ उसने निकालकर खर्च कर दी थी और 1050 रुपये बचे थे। पुलिस टीम उसे गिरफ्तारी के बाद न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर सोनभद्र पहुंची।
कई राज्यों में कर चुका है ठगी
एएसपी के मुताबिक आरोपी पूर्व में हरियाणा में टेलीग्राम टास्क फ्रॉड के जरिए 15740 रुपये, गुजरात में कस्टमर केयर बनकर 3860 रुपये, राजस्थान में लैपटॉप बेचने के नाम पर 13327 रुपये और पश्चिम बंगाल में पुराने नोट बदलकर नई करेंसी देने के नाम पर 50950 रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। इसके अलावा भी वह ठगी के कई अन्य मामलों में शामिल रहा है। पूछताछ के आधार पर इस कार्य में उसका सहयोग करने वाले अन्य साथियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।