वरुणा कारिडोर को लेकर सीएम अखिलेश यादव के तल्ख तेवर बता रहे हैं कि वरुणा तट पर अवैध रूप से काबिज लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। खासकर उन 892 लोगों पर कड़ी कार्रवाई तय है जिन्हें अतिक्रमण का दोषी मानकर वीडीए और सिंचाई विभाग ने नोटिस भेजा है। 10. 3 किमी लंबे वरुणा कारिडोर को संवारने पर सरकार 202 करोड़ खर्च करेगी। यहां डीएम के बंगले से आदिकेशव घाट तक वरुणा तट के दोनों ओर 35 मीटर का कारिडोर बनाया जाना है।
सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने में प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। उधर, निर्माण कार्य भी जोरशोर से चल रहा है। 35 मीटर के काॅरिडोर के साथ ही यहां वरुणा तट पर दोनों ओर पांच-पांच मीटर का पाथवे और उसके बाद पांच-पांच मीटर का साइकल ट्रैक प्रस्तावित है। इतना ही नहीं दोनों ओर 50-50 मीटर तक ग्रीन बेल्ट घोषित किया गया है। ग्रीन बेल्ट के दायरे में आने वाले 762 लोगों को वीडीए ने नोटिस भेजा है जबकि डूब क्षेत्र में पक्का निर्माण कराने वाले 130 भवन स्वामियों को सिंचाई विभाग ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया है। नोटिस पर कार्रवाई हो रही है।
सोमवार को वरुणा कारिडोर को लेकर सीएम के ताजा बयान से तय है कि डूब क्षेत्र में काबिज लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वरुणा काॅरिडोर का काम शुरू होने के बाद सबसे पहले ‘अमर उजाला’ ने ही डूब क्षेत्र में हुए निर्माण को लेकर सवाल उठाए थे और इसे ड्रीम प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा रोड़ा बताया था। प्रशासन ने इस खबर को संज्ञान में लेते हुए ग्रीन बेल्ट और डूब क्षेत्र में काबिज लोगों को नोटिस जारी किया था।