बलिया जिले के खोरीपाकड़ गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में बुधवार की रात चोरों ने अष्टधातु की पांच मूर्तियां चुरा लीं। चोरी गई मूर्तियों की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गुरुवार की सुबह सूचना मिलते ही सीओ सदर मयफोर्स मौके पर जा पहुंचे और जानकारी ली।
वहीं, फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड टीम ने भी मौका मुआयना किया। लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पूर्व मंत्री नारद राय ने मंदिर के चबूतरे पर बैठक करके पुलिस को चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मूर्तियां बरामद न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
गांव में स्थापित श्रीराम जानकी मंदिर 150 वर्ष पुराना है। इस मंदिर में श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, राधे-कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियां अंदर के कमरे में विराजमान थी। मूर्तियों के बेशकीमती होने के कारण वहां आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित था।
इस कमरे में सिर्फ पुजारी और गांव के कुछ चिह्नित लोग ही जाते थे। हल्दी थाना क्षेत्र के बसुहपाह निवासी व मंदिर के पुजारी अरुण कुमार पांडेय दो दिन पूर्व पिता की तबियत खराब होने पर गांव चले गए थे। इस दौरान मंदिर पर रात में कोई नहीं सोता था।
जिसका फायदा उठाते हुए चोर मंदिर के पीछे की दीवार फांदकर मुख्य कमरे के दरवाजे तक आए। मुख्य कमरे का ताला नहीं टूटा तो उन्होंने खिड़की की ग्रिल उखाड़ी और अंदर वाले कमरे का दरवाजा खोलकर मूर्तियां ले गए।
घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह उस समय हुई जब मंदिर में पूजा करने गांव के गिरिजेश राय पहुंचे। मंदिर का मुख्य दरवाजा नहीं खुला होने पर वह बगल के रास्ते से छत से होकर मंदिर के आंगन में आए, जहां मंदिर का दरवाजा खुला और वहां स्थापित पांचों मूर्तियां गायब थीं। चोरी की खबर लगी तो भारी संख्या में ग्रामीण मंदिर पर जुट गए।