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फिर उठा गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का मुद्दा

Fri, 02 Sep 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गणेशोत्सव पांच सितंबर से शुरू होगा। कहीं लाल बाग के राजा तो कहीं सिद्धि विनायक की झांकियों के दर्शन होंगे। इसके लिए गणपति प्रतिमाओं को जहां कलाकार अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं पूजा समितियों को विसर्जन की चिंता एक बार फिर सताने लगी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की गंगा में मूर्ति विसर्जन करने पर लगी रोक को देखते हुए कुछ समितियों ने ‘जहां उत्सव वहीं विसर्जन’ का फार्मूला अपनाने के लिए सहमति बनाने पर काम शुरू कर दिया है। कुछ पंडाल ऐसे भी होंगे, जहां की प्रतिमाएं विसर्जित नहीं की जाएंगी।
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गणपति बप्पा मोरिया की काशी में धूम मचने वाली है। काशी मराठा गणेशोत्सव समिति की ओर से आस भैरव स्थित अग्रवाल भवन में पांच सितंबर को लाल बाग के राजा के स्वरूप वाली प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाएगी। इसी समिति की प्रतिमा को विसर्जन के दौरान रोके जाने के बाद बीते वर्ष गोदौलिया चौराहे पर धरना दे रहे संतों-बटुकों पर लाठीचार्ज हुआ था। इसके बाद काशी में प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी।


उस घटना से सबक लेते हुए इस बार गणेशोत्सव पूजा समितियों ने समय रहते विसर्जन की व्यवस्था बनाने की कोशिशें शुरू कर दी है। लोकमान्य सार्वजनिक श्री गणेशोत्सव के समन्वयक उपेंद्र विनायक सहस्रबुद्धे ने गुरुवार को बताया कि उनकी ओर से पांच स्थानों पर प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित होंगी और जहां उत्सव होगा, वहीं विसर्जन भी किया जाएगा। इस पर अन्य समितियों को भी राजी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा कई समितियां ऐसी हैं , जो उत्सव के बाद शोभायात्रा निकालकर प्रतिमाएं वापस पंडाल में ही रख लेंगी लेकिन विसर्जन नहीं किया जाएगा। लाल बाग के राजा की प्रतिमा फिर अग्रवाल भवन में प्रतिष्ठापित होगी।कुछ पंडालों में विसर्जन नौ को और कुछ पंडालों में 11 सितंबर को होगा।
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