दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के ठीक सामने दर्जनों गांव बसे हैं लेकिन हनुमानजी की मूर्ति के ठीक सामने खड़ा होने पर 10 किलोमीटर दूर शेरवां पहाड़ी का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। मान्यता है कि इसी मंदिर पर विकास खंड जमालपुर के चरगोडा गांव निवासी स्व देवन सिंह को हनुमान जी का दर्शन मिला था जो नामचीन पहलवान हुए थे। जिनका अखाडा आज भी मंदिर प्रांगण में विराजमान है।
जहां आसपास के दर्जनों लोग आज भी कसरत करते हैं। यहां कसरत करने वाले स्व तारकेशवर व श्रीपति पहलवान को यूपी केशरी का खिताब भी मिल चुका है। पाकिस्तानी पहलवान मो गुलाम गौस ने यहां आकर देवन सिंह को अपना गुरू माना था। स्व देवन सिंह के बारे मे बताया जाता है कि हनुमानजी की उनके ऊपर इतनी कृपा थी कि किसी भी पेड़ को उखाड़ फेंकते थे।
हनुमानजी के मंदिर पर नित्य सैकडों की संख्या में आकर लोग शांति का अनुभव प्राप्त करते हैं। इस सिद्ध पीठ पर समय-समय पर यज्ञ व्यास पीठ का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालुओं से हमेशा मंदिर गुलजार रहता है। हनुमानजी से सच्चे मन से मांगी गई सबकी मुराद पूरी होती है।
इस सिद्धपीठ पर आज भी रोजाना दर्जनों गांवों के लोग आकर कुश्ती लड़ते है। हमेशा हवन पूजा अर्चन किया जाता है। प्राणपुर गौरी हनुमान मंदिर परिसर को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने की मांग वर्षों से की जा रही है लेकिन सरकार व विभाग की अदूरदर्शी नीतियों के चलते पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिल रहा है।