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मानव श्रृंखला बनाकर बुनकरों ने बुलंद की आवाज, कहा- हम सरकार के विरोधी नहीं, पर हमारी भी बातों को सुनें

Wed, 02 Sep 2020 07:34 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते बुनकर - फोटो : अमर उजाला
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पुरानी दरों पर बिजली की मांग को लेकर बुनकरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बुनकरों ने सड़क पर उतरकर मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध जताया। बुनकरों ने सरकार से पुरानी दरों पर बिजली देने की मांग फिर दोहराई। मंगलवार को बड़ी बाजार कॉटन मिल चौकाघाट इलाके में बुनकरों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। बुनकरों की हड़ताल से बनारसी साड़ी की गद्दियों पर भी सन्नाटा पसर गया है।

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बुनकरों के साथ स्थानीय पार्षद भी सड़क पर उतरे। पार्षद अमान ने कहा कि हम सभी लोग बुनकरों की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक मशीन पर बिजली का खर्च ही 2500 आ रहा है। अगर बुनकर एक मशीन से आठ हजार कमा रहा है और उसी में पूरे परिवार का भरण पोषण कर रहा है तो इतना ज्यादा बिजली का बिल कहां से देगा। हम लोग सरकार के विरोधी नहीं है। सरकार हमारी बातों को सुने और समझे।

पार्षद रमजान अली ने कहा कि हम लोग मानव श्रृंखला  बनाकर विरोध सरकार तक पहुंचा रहे हैं। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। पार्षद अफजाल अंसारी ने कहा कि एक सितंबर से हम लोगों ने हड़ताल और धरना शुरू किया है।
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बुनकरों को हमेशा फिक्स चार्ज पर बिजली मिलती थी लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे खत्म कर दिया है। अगर फिक्स चार्ज नहीं मिला तो हमारा धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। धरने में हाजी जैनुल आबदीन, अकरम अंसारी, अनीस अंसारी, जीशान अंसारी, अजीत गुप्ता, इश्तेयाक अली, इरशाद अली, एकराम खां आदि लोग मौजूद थे।

कैसे अदा करेंगे बिजली का बिल

बुनकरों का कहना है कि लॉकडाउन और कोरोना के कारण पहले से कारोबार बदहाल है। उसके बाद बिजली का भारी बिल कैसे अदा किया जाएगा। बुनकरों ने स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। वहीं कुछ बुनकर बिरादराना तंजीम के सदस्यों ने मोहल्ले के लोगों को इस आंदोलन के प्रति जागरूक करते रहे।

हर मोहल्ले के पावरलूम बंद थे। साड़ी की गद्दियों पर भी लेन-देन नहीं हुआ। तंजीम चौदह के सरदार मकबूल हसन व इशरत उस्मानी ने बताया कि मुर्री बंदी के दौरान आंदोलन को और तेज करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। अगर सरकार हमारी मांगे मान लेती है तो यह बंदी समाप्त हो जाएगी।

लोहता में भी रहा सन्नाटा

लोहता में साड़ी व्यापार मंडल भी पूरी तरह बंद रहा। क्षेत्र के कोटवां, मंगलपुर, भरथरा, महमूदपुर, हरपालपुर, धन्नीपुर, चंदापुर और लोहता में बंदी का असर नजर आया। साड़ी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सेराज अहमद फारुकी ने बताया कि प्रदेश सरकार यदि बुनकरों के फ्लैट रेट बिजली का नियम एक सप्ताह में नहीं करती तो साडी़ व्यापार मंडल अपनी बंद को बुनकरों के समर्थन में आगे ले जाएगी।
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प्रधानमंत्री लें संज्ञान, काशी के बुनकरों के हालात बदतर

काशी के बुनकरों की हड़ताल को क्रांति फाउंडेशन ने भी समर्थन दिया है। फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बुनकरों की हालत पर विचार करने की अपील की है। राहुल सिंह ने पीएम को लिखे पत्र में लिखा है कि काशी के सांसद व प्रधानमंत्री मानवता के आधार पर मामले का संज्ञान लें।
मामले में हस्तक्षेप कर प्रदेश सरकार को से बुनकरों की मांगों पर विचार करने को कहें। प्रधानमंत्री जी स्वयं कह चुके हैं कि सरकार काशी के बुनकरों का ध्यान रखेगी। इस कारणवश काशी का बुनकर समाज प्रधानमंत्री व अपने सांसद की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है।

सपा नेता मनोज राय धूपचंडी ने की सरदार मकबूल हसन से मुलाकात

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी के नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बुनकर बिरादराना तंजी़म चौदहों के सरदार मकबूल हसन से मिलने पहुंचा। उन्होंने पुराने दर पर बिजली की आपूर्ति की बहाली के लिए समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।

सरदार मकबूल हसन ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को संबोधित एक पत्र मनोज राय धूपचंडी को सौंपा और फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति योजना की पुन: बहाली हेतु पार्टी का समर्थन मांगा। प्रतिनिधि मंडल ने हर स्तर से संघर्ष एवं आंदोलन का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर अब्दुल्लाह अंसारी, लक्ष्मी कांत मिश्रा किशमिश गुरु, राजू यादव, विकास यादव, अनीसुर्रहमान, इरशाद अहमद, वली मोहम्मद, हाजी अब्दुल वहीद, सरदार अलीमुद्दीन, इशरत उस्मानी आदि उपस्थित थे।
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