थाना क्षेत्र के तेवर बरइछा गांव में रविवार की दोपहर मिट्टी की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मजदूर आनंद (18) और छेदी (50) की मौत हो गई जबकि अजय गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब गांव में बन रहे दिनेश पटेल के मकान के छत की ढलाई हो रही थी। इसके लिए पास के कच्चे मकान के बगल में मिक्सर मशीन लगाई गई थी। मशीन के कंपन से अपराह्न तीन बजे कच्चे मकान की दीवार गिर गई। इससे मशीन पर काम कर रहे तीन मजदूर मलबे में दब गए।
तेवर बरइछा गांव निवासी दिनेश पटेल गांव में ही अपना नया मकान बनवा रहे हैं। रविवार को छत की ढलाई का काम चल रहा था। करीब 15 मजदूर काम में लगे थे। दोपहर करीब तीन बजे मुन्नू पटेल के पास के ही खाली पड़े कच्चे मकान की दीवार मिक्सर मशीन के कंपन से गिर गई। जिसके मलबे में मशीन पर काम कर रहे धरसौना निवासी छेदी, उनका भतीजा आनंद और उसी गांव का अजय मलबे में दब गए। अफरातफरी के बीच काम बंद कर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
तीनों को निकाल कर आनन-फानन में चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने छेदी और आनंद को मृत घोषित कर दिया जबकि अजय की हालत गंभीर है। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छेदी के परिवार में पत्नी और सात बेटियां हैं। आनंद दो भाईयों में बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वहीं चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे नायब तहसीलदार और कानूनगो ने मृतकों को सरकार से किसान बीमा का लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया।