योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज ने अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी को सनातन आस्था पर गहरा आघात बताया। कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालु भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि उस पवित्र आस्था के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता होती है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने इस मामले की देश की श्रेष्ठ जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग की, ताकि दोषी को सजा मिल सके। अस्सी घाट मार्ग स्थित योगी अखाड़ा काशी तीर्थ क्षेत्र कार्यालय शेखर आश्रम में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना शासन-प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि एसआईटी के अलावा सीबीआई से भी जांच करवाई जानी चाहिए।
सनातनी गो आधारित जीवन को अपनाएं
स्वामी राधेश्याम महाराज ने गो माता के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी जोर दिया। कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और सनातन परंपरा में गो माता का स्थान सर्वोच्च है। गो सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती और मानव स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने गो आधारित जीवन शैली को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गो संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है और देश आत्मनिर्भरता की ओर और अधिक सशक्त कदम बढ़ा सकता है। इस मौके पर गो रक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह बबलू, प्रदेश संगठन मंत्री सोनू पटेल, काशी तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, अवधेश सिंह आदि रहे।