अस्सी स्थित जगन्नाथ गली में सफाई को लेकर आयोजित चौपाल में बोलते बाबा हरदेव सिंह।
असि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए कार्ययोजना तैयार हो गई है। असि मुक्ति के लिए आंदोलन कर रहे जन संगठनों के लोग न केवल प्रदेश सरकार पर दबाव बनाएंगे बल्कि सरकारी अभिलेखों में जहां कहीं भी असि को नाले में दर्ज किया गया है, उसे नदी के रूप में दर्ज कराने के लिए कमिश्नर से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।
बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान के प्रदेश संयोजक बाबा हरदेव सिंह की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में हुई जन संगठनों की बैठक में यह फैसला हुआ। सर्किट हाउस सभागार में शाम को हुई बैठक में असि नदी के अस्तित्व का मुद्दा छाया रहा। इस पर साझा संस्कृति मंच, प्रगति पथ फाउंडेशन, असि नदी मुक्ति अभियान सहित कई जनसंगठनों से जुड़े लोगों ने विस्तार से चर्चा की।
बाबा हरदेव सिंह ने कहा कि नाले में तब्दील होती जा रही असि नदी के संरक्षण के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। यहां गिरने वाले नालों को रोकने, राजस्व विभाग से असि नदी से जुड़े अहम कागजातों को निकलवाने आदि पर कार्य करते रहने का निर्णय हुआ।
बैठक में फादर आनंद, संतोष बिहारी, वल्लभाचार्य पांडेय, कृष्ण कुमार, कपिंद्र तिवारी,जागृति राही, नीलम पटेल, चिंतामणि सेठ, अतुल, जगन्नाथ ओझा सहित 25 संगठनों के नुमांइदे मौजूद रहे।