उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने महाराष्ट्र के ठाणे में एक कारोबारी मोहन परमार को कार में बैठने के दौरान गोली मारने के आरोपी मुख्य शूटर सुजीत पांडेय और साजिश में शामिल मनोज ठठेरा को एसटीएफ वाराणसी ने बलिया और आजमगढ़ से गिरफ्तार किया। सुजीत पांडेय देवरिया का निवासी है जबकि मनोज ठठेरा आजमगढ़ देवगांव का रहने वाला है।
क्या है पूरा मामला
24 जुलाई 2026 को सुजीत पांडेय ने ठाणे में मोहन परमार पर पिस्टल से फायर किया था। इस हमले में मोहन परमार गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है। एसटीएफ के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि मोहन परमार अंजली इंडस्ट्रीज डायमंड इंडस्ट्रियल स्टेट नामक कंपनी में काम करता है। कंपनी के साझेदार सागर बानोसाली पर मोहन परमार का काफी पैसा बकाया था। इसी वजह से सागर मोहन परमार की हत्या करवाना चाहता था।
कंपनी के कर्मचारी को भी साजिश में किया शामिल
सागर ने अपने मुख्य परिचालन अधिकारी मित्र विजय विश्वकर्मा के साथ मिलकर योजना बनाई। कंपनी के कर्मचारी मनोज ठठेरा को भी साजिश में शामिल किया। मनोज ने मित्र सुजीत पांडेय को सागर और विजय से मिलवाया। सुजीत गुजरात में सुरक्षा गार्ड का काम करता था। विजय ने सुजीत को इस घटना को अंजाम देने के लिए दस लाख रुपये एक साथ देने का वादा किया। इसके अतिरिक्त, उसे आजीवन प्रति माह एक लाख रुपये देने का प्रलोभन भी दिया गया।
24 जुलाई 2026 की शाम आठ बजे मोहन परमार कार्यालय से निकलकर चार पहिया वाहन में बैठ रहे थे। तभी सुजीत ने उन पर पिस्टल से फायर कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद मनोज ठठेरा को आजमगढ़ के देवगांव थाने में दाखिल किया गया। उसे न्यायालय आजमगढ़ के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड पर लिया गया है। सुजीत को बलिया के भीमपुरा थाने में दाखिल किया गया है। बरामदगी में बारह सौ रुपये नकद, स्वचालित टेलर मशीन कार्ड, स्थायी खाता संख्या कार्ड और मतदाता पहचान पत्र शामिल हैं। अग्रिम कार्रवाई ठाणे, महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की जा रही है।