मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें, आपत्तियां और गंभीर अनियमितताओं की सूचना मिल रही है। यह स्थिति चिंताजनक ही नहीं बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी भी दल के राजनीतिक लाभ या हानि का साधन नहीं होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में इसके विपरीत हालात निर्मित किए जा रहे हैं।
यह कहना है कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे का। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का संदिग्ध पैटर्न जिस बूथ पर हार, वहां सबसे तेज एसआईआर... जांच के दौरान यह साफ दिखाई दे रहा है कि जिन बूथों पर भारतीय जनता पार्टी को पिछली चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, उन्हीं बूथों पर एआईआर की प्रक्रिया असामान्य रूप से तेज, दबावपूर्ण और आक्रामक तरीके से चलाई जा रही है। जिन बूथों पर भाजपा को बढ़त मिली थी, उन क्षेत्रों में एसआईआर की प्रक्रिया धीमी, सुस्त और कई जगहों पर लगभग ठप है। यह पैटर्न अपने-आप में संदेह पैदा करता है। राघवेंद्र चौबे ने प्रशासन से मांग की है कि संपूर्ण प्रक्रिया की समीक्षा की जाए। हर बूथ पर समान गति से और एक जैसी पारदर्शिता से कार्य हो, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। गलत तरीके से हटाए गए नामों की तुरंत जांच कराएं।