सरकार बदलने के बाद सरकारी मशीनरी अपने आप को मुस्तैद दिखाने की हर कोशिश कर रही है। कमिश्नर-डीएम भी मातहतों के कामकाज पर नजर रख रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को वाराणसी जिले के पांच बीडीओ का वेतन रोक दिया गया है।
यह कार्रवाई करते हुए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने उनके स्थानांतरण की संस्तुति भी की है। आरोप है कि ये सभी अपने तैनाती वाले ब्लॉकों में रहने के बजाय शहर में रह रहे थे और जनसमस्याओं के निस्तारण में गंभीरता नहीं बरत रहे थे।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए खंड विकास अधिकारियों को विकास खंड मुख्यालय पर ही निवास करने का निर्देश दिया था। शिकायत मिल रही थी कि कुछ बीडीओ अपने तैनाती वाले स्थान पर नहीं रह रहे।
शिकायत के मद्देनजर डीएम ने शनिवार की रात औचक निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान बीडीओ आराजीलाइन हेमंत कुमार सिंह, हरहुआ श्वेतांक सिंह, काशी विद्यापीठ के सुरेंद्र प्रताप सिंह, बड़ागांव के कौशल कुमार सिंह एवं पिंडरा के खंड विकास अधिकारी राजन राय जिला मुख्यालय पर मौजूद पाए गए।
डीएम ने इन पांचों खंड विकास अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए इनके स्थानांतरण की संस्तुति शासन से की है।