जय गुरुदेव के अनुयायियों के दूसरे धड़े के उखड़े टेंट फिर से लगने की सूचना पर बुधवार की सुबह पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी नितिन तिवारी के अलावा एडीएम प्रशासन और एसपी ग्रामीण फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भक्तों को समझाया कि उनके कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर दी गई है। अनुयायी एक पुलिस अधिकारी का नाम लेकर उनके द्वारा अनुमति मिलने का दावा कर रहे थे लेकिन प्रशासन दबाव बनाने में कामयाब रहा और उमाकांत के शिष्यों को वापस जाना पड़ा। एहतियातन मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
बाबा उमाकांत तिवारी को अल्लोपुर में 23 अक्तूबर को सत्संग करना था। उन्होंने पूर्व में इसकी अनुमति ले ली थी। राजघाट पुल पर मची भगदड़ में 25 लोगों की मौत की घटना के बाद डीएम ने पूर्व दी गई अनुमति निरस्त कर दी। प्रशासन का तर्क था पंकज बाबा के बाद उमाकांत तिवारी शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं। कार्यक्रम निरस्त होने के बाद प्रशासन ने मंगलवार को ही टेंट उखड़वा दिया। पोस्टर-बैनर उतरवा दिए गए थे। अनुयायी खाद्य रसद और अन्य सामान समेट कर लौट गए थे।
इसी बीच बुधवार की सुबह फिर कुछ लोग कार्यक्रम स्थल पर बैनर पोस्टर लगाने के लिए जुटने लगे। इस सूचना के बाद मौके पर एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय और एसपी ग्रामीण आशीष तिवारी पहुंचे। एसएसपी भी सत्संग स्थल पर गए। उमाकांत तिवारी के शिष्य गोपाल दीक्षित ने आईजी जोन के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उनके द्वारा कार्यक्रम की अनुमति दी गई है। ऐसा सीएम कार्यालय से जारी पत्र के आधार पर निर्देश आया है। अफसरों के किसी तरह समझाने पर लोग माने। जयगुरुदेव विकास संस्था के अध्यक्ष राम प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी। हम यहां सत्संग करने आए थे, संग्राम नहीं। ऐसे में अब यहां सत्संग नहीं होगा।
जय गुरुदेव जनजागरण शोभायात्रा के दौरान राजघाट पुल पर भगदड़ में हुई 25 लोगों की मौत के लिए पंकज महाराज को घटना को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध बुधवार को एसीजेएम प्रथम रीमा बंसल की कोर्ट में किया गया। अधिवक्ता रतनदीप सिंह के इस आवेदन पर कोर्ट ने रामनगर थाने से 26 अक्तूबर को इस संबंध में रिपोर्ट तलब कर पूछा है कि घटना को लेकर मुकदमा दर्ज है या नहीं। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत दाखिल किए गए आवेदन में कैंट के ढेलवरिया निवासी अधिवक्ता रतनदीप सिंह ने कहा कि पंकज महाराज ने प्रशासन से तथ्यों को छिपाकर अनुमति ली। बनारस वैसे भी काफी भीड़भाड़ वाला शहर है और राजघाट पुल पर हुए हादसे के लिए पंकज महाराज जिम्मेदार हैं, इसलिए उन पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।