जिले में डेंगू का खतरा अभी टला नहीं है, चिकनगुनिया का खतरा अलग से मंडराने लगा है। बदलते मौसम की वजह से इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में वायरल फीवर की आशंका अधिक रहती है। इसके प्रति लापरवाही से चिकनगुनिया का खतरा अधिक रहता है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर दिन इसके मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। भोजुबीर, हरहुआ, आशापुर के पांच मरीज पांडेयपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
लोहता और कोटवा में पिछले एक सप्ताह से कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। शनिवार को गांव में चिकनगुनिया फैलने की सूचना पाकर काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम ने कैंप लगाकर जांच की। इसमें रेहाना, शबनम, जब्बार, रोशन, नजमा, राम सिंह, मनीष, सुरेश आदि में चिकनगुनिया जैसे लक्षण मिले। सभी का ब्लड सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया में जरा सी लापरवाही घातक हो सकती है। दीनदयाल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीके सिंह की सलाह है कि चिकनगुनिया के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।